Hindi Moral Stories In Hindi

In today's article, we are writing one to one good stories of Hindi Short Stories with Moral  for children. These stories are not only for children but provide much inspiration as well as education in हिंदी language. And are written in that attractive language too. With moral, these Hindi Stories will prove very suitable for teachers too. 

Hindi Moral Stories 

आज के इस लेख में हम बच्चों के लिए नैतिक के साथ हिंदी लघु कहानियां के एक से एक अच्छी कहानियों को लिख रहे हैं। ये Kahaniyan केवल बच्चों के लिए हैं बल्कि बहुत ज्यादा prerana प्रदान के साथ साथ शिक्षा भी हिंदी भाषा में प्रदान करती हैं। Hindi Moral Short Stories और उस आकर्षक भाषा में भी लिखी गई हैं। नैतिक के साथ ये हिंदी कहानियां शिक्षकों के लिए भी बहुत ही ज्यादा उपयुक्त सिद्ध होगी हैं। 

"Hindi की भाषा में Moral Stories का मतलब यह होता है कि किसी भी बच्चे को प्ररेणा व अच्छी शिक्षा प्रदान करवाने के लिए उन्हें कुछ Moral Stories in के द्वारा उनको अच्छी शिक्षा प्रदान की जाए ये सभी मोरल स्टोरीज शिक्षकों एवं माता-पिता को अपने बच्चो को मार्गदर्शन के लिए हैं।"

हिंदी मोरल शॉर्ट स्टोरीज इं हिन्दी - hindi moral short stories in hindi
हिंदी मोरल स्टोरीज (Hindi Moral Stories)


5+ interesting Short Hindi Stories with Moral Story.

Below are very interesting Stories written in hindi. We hope you will like this in hindi story Short Hindi Moral Story.

Hindi Moral Short Stories In Hindi :हिंदी मोरल शॉर्ट स्टोरीज इं हिन्दी

[1]
—:अपनी मुश्किलों से ही सीखें:—
Learn From Your Difficulties Short Moral Story In Hindi[Learn From Your Difficulties Short Moral Story In Hindi]

अपने गधे को लेकर एक व्यक्ति शहर से लौट रहा था। अचानक से वह गधा पैर खिसकने के कारण सीधे एक गहरे गड्ढे में गिर गया। 

और फिर गधे को निकालने के लिए उस व्यक्ति ने अपनी पूरा कोशिश किया किन्तु वह उस गधे को गड्ढे से बाहर निकाल नहीं पाया।

जब उस व्यक्ति को लगा की उसके गधे को उस गड्ढे से बाहर निकालना अब तो असंभव ही हैं उसने उसे गधे की जिन्दा ही मिट्टी से ढक देने का प्लान बनाया और वह ऊपर से मिट्टी से गधे को ढकने लगा। 

बहुत देर तक मिट्टी डालने के बाद वह इंसान थक कर घर चले गया जो कि पास में ही था।

किन्तु ढेर सारी मिट्टी डालने के कारण वह गधा अपने ऊपर गिरी हुए मिट्टी की मदद से वह धीरे-धीरे उस पर अपना पैर रख-रख कर उस गड्ढे के ऊपर जिन्दा ही चढ़ आया। 

अगले दिन जब वह व्यक्ति सुबह उठा तो उसने देखा कि उसका गधा उसके घर के बहार ही खड़ा था। यह बहुत ही आश्चर्य जनक आजूव को देखकर वह व्यक्ति स्तम्भ रहे गया।

इस कहानी की शिक्षा 
शिक्षा:— इस कहानी से हमें यह शिक्षा मिलती है, कि हमें कभी भी हार नहीं मानना चाहिए व बार-बार लगातार कोशिश करनी चाहिए। short stories hindi moral.

[2]
—:अंगूर तो खट्टे है?:—
[Grapes Are Sour Short Moral Story In Hindi]
Grapes Are Sour Short Moral Story In Hindi

एक बार एक लोमड़ी बहुत भूखी थी। वह भोजन की तलाश में इधर से उधर भटकती रही लेकिन कही से भी उसे कुछ भी खाने को नहीं मिला।

अंत में थक हारकर वह एक बगीचे में पहुँच गयी। वहां उसने अंगूर की एक बेल देखी। जिसपर अंगूर के बहुत गुच्छे लगे थे।
वह उन्हें देखकर बहुत खुश हुई। वह अंगूरों को खाना चाहती थी, पर अंगूर बहुत ऊँचे थे। वह अंगूरों को पाने के लिए ऊँची  ऊँची छलांगे लगाने लगी।


परन्तु वह उन तक पहुँच नहीं  पाई। ऐसा करते करते बहुत थक चुकी थी। आखिर वह बगीचे से बाहर जाते हुए कहने लगी कि अंगूर तो खट्टे है। अगर मैं इन्हें खाऊँगी तो बीमार हो जाउंगी।

शिक्षा:— दोस्तों कभी भी हो हमें हर चीज में या हर हालात में हमेशा अच्छाई ढूंढनी चहिये। हम अगर कोई चीज प्राप्त न कर सके तो उसे बुरा नहीं कहना चाहिए (हमें इस लोमड़ी की तरह अंगूर खट्टे है कभी नहीं बोलना है)।

[3]
—:पानी और प्यासा कौआ:—
[Water And Thirsty's Crow Short Moral Story In Hindi]
Water And Thirsty's Crow Short Moral Story In Hindi]

मौसम गर्मी का था उन दिनों दोपहर के समय बहुत ही सख्त गर्मी पड़ रही थी। एक कौआ पानी की तलाश में इधर से उधर भटक रहा था। लेकिन उसे कही भी पानी नहीं मिला। और अंत में वह थका हुआ एक बाग में पहुँचा। वह पेड़ की शाखा पर बैठा हुआ था की अचानक उसकी नजर पेड़ के नीचे रखे एक घड़े पर गई। वह उड़कर घड़े के पास चला गया।

वहां उसने देखा कि घड़े में थोड़ा सा ही पानी है। वह पानी पीने के लिए नीचे झुका लेकिन उसकी चोंच पानी तक न पहुँच सकी। ऐसा इसलिए हो रहा था क्योंकि घड़े में पानी बहुत ही कम था।

किन्तु वह कौआ हताश नहीं हुआ बल्कि पानी पीने के लिए वह कुछ उपाय सोचने लगा। फिर उसे एक उपाय सूझा। उसने आस पास बिखरे हुए कंकर उठाकर घड़े में डालने शुरू किया। लगातार पानी में कंकड़ डालने से पानी ऊपर आ गया। फिर उसने आराम से पानी पिया और उड़ गया।
इस कहानी की शिक्षा 
शिक्षा:—अगर हम सफल होने के लिए अपने कदम बढ़ाएंगे तो हमें सफलता प्राप्त करने के रास्ते आसानी से मिलने लगेंगे। जहाँ चाह वहीं राह है।

आपको हम बता से की ऐसी ही ओर भी hindi moral short stories को में इस लेख में नीचे एवं इस को हटा कर अन्य hindi moral stories को इस लेख में हमेशा ही शामिल किया जाएगा आप इस लेख को बार बार व लगातार ही वेबसाइट पर आ कर पढ़े।


[4]
—: प्रत्येक व्यक्ति के जीवन की एक कहानी है:—
[Short Moral Story In Hindi]

एक बार एक 25 साल का लड़का और उसका पिता रेलगाड़ी यानी Train में सफ़र कर रहे थे।

वह लड़का बार-बार रेलगाड़ी की खिड़की से बाहर झाँक रहा था और बाहर दिखते हुए पेड़ पौधों को देखकर जोर-जोर से चिल्ला के साथ साथ हंस भी रहा था ।

और पास ही में एक शादी शुदा जोड़ा बैठे थे वह यह सब देखकर बहुत हंस रहे थे।

इसी समय उस 25 साल के लड़के के पिता ने अपने बेटे से कहा :— देखो बेटा… बाहर असमान में बादलों को देखो वह भी हमारे साथ दौड़ लगा रहे हैं।

यह पागलपना देखकर उस शादी-शुदा जोड़े को सहन नहीं हुआ और वह उस लड़के के पिता से बोल बैठे!

शादी-शुदा जोड़े बोले कि:— आप अपने बेटे को किसी डॉक्टर को क्यों नहीं दिखाते?

यह सुनकर उस लड़के के पिता ने उत्तर दिया!:— हाँ, हम डॉक्टर के पास से ही आ रहे हैं।

दरसल मेरा बेटा देख नहीं सकता था पर आज उसके आँखों के सफल ऑपरेशन के कारण वह देख पा रहा है और आज वह बहुत खुश है

इस पुरे पृथ्वी में हर किसी व्यक्ति के जीवन में एक कहानी है।

इस कहानी की शिक्षा 
शिक्षा:- हमें इस कहानी से यह शिक्षा मिलती है, कि किसी भी व्यक्ति के विषय में पूरी जानकारी न होने पर उसके विषय में कुछ भी टिप्पणी करना बिल्कुल ही गलत बात है।

[5]
—:बन्दर और दो बिल्लियाँ :—
[Monkey And Two Cat's Short Moral Story In Hindi]
Monkey And Two Cat's Short Moral Story In Hindi]

एक नगर में दो बिल्लियाँ रहती थी। एक दिन उन्हें रोटी का एक टुकड़ा मिला। वे दोनों आपस में लड़ने लगी। वे उस रोटी के टुकड़े को दो समान भागों में बाँटना चाहती थी किन्तु उन्हें कोई ढंग नहीं मिल पाया।

उसी समय एक बन्दर उधर से गुजर रहा था। वह बहुत चालाक था। उसने बिल्लियों से लड़ने का कारण पूछा। बिल्लियों ने उसे सारी बात सुनाई। वह तराजू ले आया और बोला, ” लाओ, मैं तुम्हारी रोटी को बराबर बाँट देता हूँ। उसने रोटी के दो टुकड़े लेकर एक–एक पलड़े में रख दिए। वह बन्दर तराजू में जब रोटी को तोलता तो जिस पलड़े में रोटी अधिक होती, बन्दर उसे थोड़ी—सी तोड़ कर खा लेता।

इस प्रकार थोड़ी–सी रोटी रह गई। बिल्लियों ने अपनी रोटी वापस मांगी। लेकिन बन्दर ने शेष बची रोटी भी मुँह में डाल ली। फिर बिल्लियाँ उसका मुँह देखती रह गई।

इस कहानी की शिक्षा 
शिक्षा:— बचपन से आपने सुना होगा की कभी भी हमें आपस में लड़ना नहीं चाहिए। कोई भी दोस्त अथवा परिवार तब तक बहुत मजबूत होता है, जब तक उनमे आपसी प्यार और विश्वास होता है। किन्तु जब वह आपस में लड़ने लगते है तो इससे दूसरे लोग भी फायदा उठाते है। वह इस लड़ाई को बड़ा बनाकर अपना मुनाफा ढूंढ लेते है। इसलिए लड़ने से अच्छा है एक साथ रहना साथ ही कोई भी मुसीबत हो उसे मिलकर दूर करना।

अभी तक हमारे पास लगभग 500+ short hindi moral stories का संग्रह प्राप्त हो चुका है और हम उन सभी को इस लेख में समय समय पर चेंज करते रहते है। इसलिए आपसे आग्रह है कि आप हमेशा ही लेख को पढ़ें।

[6]
—:लालची कुत्ता:—
[Bait Dog Short Moral Story In Hindi]
Bait Dog Short Moral Story In Hindi]

एक गाँव में एक कुत्ता रहता था। वह बहुत लालची था। वह भोजन की खोज में इधर से उधर भटकता रहा। लेकिन कही भी उसे भोजन नहीं मिला। अंत में उसे एक होटल के बाहर से मांस का एक टुकड़ा मिला। वह उसे अकेले में बैठकर खाना चाहता था। इसलिए वह उसे लेकर भाग गया।

एकांत स्थल की खोज करते करते वह एक नदी के किनारे पहुँच गया। अचानक उसने अपनी परछाई नदी में देखी। उसने समझा की पानी में कोई दूसरा कुत्ता है जिसके मुँह में भी मांस का टुकड़ा है।

 उसने सोचा क्यों न इसका टुकड़ा भी छीन लिया जाए तो खाने का मजा दोगुना हो जाएगा। वह उस पर जोर से भौंका। भौंकने से उसका अपना मांस का टुकड़ा भी नदी में गिर गया। अब वह अपना टुकड़ा भी गवा बैठा। अब वह बहुत पछताया तथा मुँह लटकाता हुआ गाँव को वापस आ गया।

शिक्षा:- लालच बुरी बला है। हमें कभी भी लालच नहीं करना चाहिए। जो भी इंसान लालच करता है वह अपनी लाइफ में कभी भी खुश नहीं रह सकता। हमें अपनी मेहनत या किस्मत का जितना भी मिल गया। उससे अपना काम निकालना चाहिए।

[7]
—:नन्हीं सी चिड़िया:—
[Little Bird Short Moral Story In Hindi]
Little Bird Short Moral Story In Hindi

बहुत समय पुरानी बात है, एक बहुत घना जंगल हुआ करता था। एक बार किन्हीं कारणों से पूरे जंगल में भीषण आग लग गयी। सभी जानवर देख के डर रहे थे की अब क्या होगा?

थोड़ी ही देर में जंगल में भगदड़ मच गयी सभी जानवर इधर उधर भाग रहे थे पूरा जंगल अपनी अपनी जान बचाने में लगा हुआ था। उस जंगल में एक नन्हीं चिड़िया रहा करती थी उसने देखा क़ि सभी लोग भयभीत हैं जंगल में आग लगी है मुझे लोगों की मदद करनी चाहिए।

यही सोचकर वह जल्दी ही पास की नदी में गयी और चोच में पानी भरकर लाई और आग में डालने लगी। वह बार बार नदी में जाती और चोच में पानी डालती। पास से ही एक उल्लू गुजर रहा था उसने चिड़िया की इस हरकत को देखा और मन ही मन सोचने लगा बोला क़ि ये चिड़िया कितनी मूर्ख है इतनी भीषण आग को ये चोंच में पानी भरकर कैसे बुझा सकती है।

यही सोचकर वह चिड़िया के पास गया और बोला कि तुम मूर्ख हो इस तरह से आग नहीं बुझाई जा सकती है।

चिड़िया ने बहुत विनम्रता के साथ उत्तर दिया-“मुझे पता है कि मेरे इस प्रयास से कुछ नहीं होगा लेकिन मुझे अपनी तरफ से best करना है, आग कितनी भी भयंकर हो लेकिन मैं अपना प्रयास नहीं छोड़ूँगी”

उल्लू यह सुनकर बहुत प्रभावित हुआ।

शिक्षा:— तो मित्रों यही बात हमारे जीवन पर भी लागू होती है कि जब कोई भी परेशानी आती है तो इंसान घबराकर हार मान लेता है लेकिन हमें बिना डरे प्रयास करते रहना चाहिए यही इस कहानी की शिक्षा है|

[8]
—:धोबी का गधा:—
[Washerman's Donkey Short Moral Story In Hindi]
Washerman's Donkey Short Moral Story In Hindi]

किसी दूर गाँव में एक धोबी रहता था। धोबी रोज लोगों के घर घर जाता था और लोगों के गंदे कपड़े धोने के लिए लेकर जाता था। धोबी के पास एक गधा था। जिस पर वो कपड़े लादकर लाया और ले जाया करता था। गधा अब काफी बूढ़ा हो चुका था इसलिए वह काफी कमजोर भी हो गया था।

एक दिन ऐसे ही कड़ी दोपहर में धोबी कपड़े लादकर गधे के उपर रखकर ले जा रहा था। गर्मी की वजह से गधे और धोबी दोनों का बुरा हाल था। अचानक गधे का पैर लड़खड़ाया और बेचारा गधा एक बड़े गढ्ढे में जा गिरा। गधा बेचारा कमजोर तो था ही, फिर भी उसने पूरी ताकत लगायी लेकिन गड्ढे से बाहर नहीं निकल पाया। धोबी ने भी अपनी तरफ से पूरा प्रयास किया लेकिन गढ्ढा गहरा होने की वजह से गधा बाहर नहीं निकल पा रहा था।

अब तो गधा डर से बुरी तरह चिल्लाने लगा। धोबी भी जब प्रयास करते करते थक गया तो उसने सोचा ये गधा बूढ़ा हो चुका है और अब किसी काम का भी नहीं है तो इसको निकालने से कोई फायदा नहीं है, क्यों ना गड्ढे को मिट्टी से भरकर इस गधे को यहीं दफना दिया जाये। यही सोचकर धोबी ने गाँव के लोगों को आवाज लगायी। सारे लोग अपना फावड़ा लेकर आ गए। सब मिलकर जल्दी जल्दी गड्ढे में मिटटी डालने लगे।

पहले तो गधे को कुछ समझ में नहीं आया कि ये क्या हो रहा है? लेकिन जब उसे अहसास हुआ कि ये लोग उसे दफ़नाने वाले हैं तो उसकी आखों में आँसू आ गए। कुछ देर तक गधा चिल्लाता रहा, बाद में उसने चिल्लाना भी बंद कर दिया। सब लोग और तेजी से गड्ढे में मिट्टी डालने लगे।

थोड़ी देर बाद धोबी ने जब गड्ढे में झाँककर देखा तो वो हैरान रह गया। गधा वहाँ कुछ विचित्र सी हरकत कर रहा था।

जैसे ही कोई गधे की पीठ पर मिट्टी डालता, गधा तुरंत अपनी पीठ हिलाकर मिट्टी नीचे गड्ढे में गिरा देता और खुद एक कदम ऊपर हो जाता। यही क्रम चलता रहा जैसे ही गधे की पीठ पे मिट्टी डाली जाती वो पीठ हिलाकर मिट्टी नीचे गिरा देता और खुद उस मिट्टी पे चढ़कर एक कदम ऊपर हो जाता।

धीरे धीरे गढ्ढा मिट्टी से भर गया और गधा उछलता हुआ गड्ढे से बाहर निकल आया और सारे लोग गधे को हैरानी से देखते रह गए।

शिक्षा:- दोस्तों ये कहानी हमें बहुत बड़ी सीख देती है कि आपकी समस्या कितनी भी बड़ी क्यों न हो? गड्ढा कितना भी गहरा क्यों ना हो? घबराइये मत, हर परेशानी को मिटटी की तरह हिलाकर नीचे गिराते जाइये फिर देखिये आप हर समस्या से बाहर निकल आएंगे।

[9]
—:शेर और चूहा:—
[Lion And Mouse Short Moral Story In Hindi]
Lion And Mouse Short Moral Story In Hindi]

सुंदरवन की बात हैं। जंगल का राजा शेर बहुत थका हुआ था, उसने एक सोचा चलो कुछ देर आराम कर लेता हूँ। उसने एक बहुत ही छायादार पेड़ देखा एवं वहाँ जाकर लेट गया। शेर बहुत थका हुआ था, कुछ ही देर में उसे गहरी नींद लग गयी, और वह जोर जोर से खर्राटे भरने लगा।

जिस पेड़ के निचे शेर सोया हुआ था, वहाँ पास में एक नटखट चूहा का बिल था। शेर की तेज खराटे से परेशान होकर चूहा अपने बिल से बाहर निकला उसने देखा की जंगल का राजा गहरी नींद में खर्राटे भर रहा हैं।

बस फिर क्या था...नटखट चूहे को शरारत सूझी, वह शेर की पीठ पर चढ़ गया और जोर-जोर से उछलने लगा। शरारती चूहा कभी शेर के कान खींचता तो कभी पुँछ पकड़ के झूलने लगता था। उसकी उछलने से शेर की नींद खुल गयी,

शेर ने झटके से चूहे को पकड़ लिया और बोला:— मूर्ख चूहा....तुमने मेरी नींद खराब की हैं, अब में तुम्हें मार डालूँगा।

जंगल का राजा शेर बहुत गुस्से में था, शेर को गरजता देख चूहा काँपने लगा।

चूहा बोला:— महाराज, मुझे माफ कर दीजिए, आप तो जंगल के राजा हैं, मुझ जैसे छोटे चूहे को मार कर आपको क्या मिलेगा। लेकिन अगर आप मुझे छोड़ देंगे तो में भी कभी आपके काम जरूर आऊँगा।

चूहे की बात सुनकर शेर को बहुत हंसी आयी, शेर जोर जोर से हँसने लगा...

शेर हँसते हुए बोला:— तुम एक चूहा और में जंगल का राजा शेर हूँ, भला तुम मेरे किस काम आओगे लेकिन तुमने मुझे हँसाया है, इसलिए में तुम्हें छोड़ रहा हूँ।

शेर ने चूहे को छोड़ दिया, चूहा तुरंत अपने बिल में चला गया।

ऐसे ही कुछ दिन बीत गया एक दिन बाद की बात हैं। चूहा बिल के बाहर घूम रहा था, तभी उसकी नजर उस शेर पर गयी, आज वह शिकारी द्वारा बिछाये गए जाल में फँसा गया था।

चूहा शेर के पास गया और बोला- महाराज में वहीं चूहा हूँ, जिसे आपने छोड़ दिया था। मैंने कहा था की में जरूर आपके काम आऊँगा। में अभी इस जाल को काट देता हूँ। चूहे ने अपनी नुकीली दाँतों से जल्दी ही उस जाल को काट दिया, और शेर तुरंत बाहर आ गया।

शेर बोला:— मुझे माफ़ करना चूहा, उस दिन मैंने तुमपर हंसा था, लेकिन आज मुझे यह ऐहसास हुआ हैं की छोटा - बड़ा कुछ नहीं होता सबकी अपनी एक अलग विशेषता होती हैं। लेकिन तुमने मेरी जान बचायी हैं, इसलिए आज से हम दोनों दोस्त हुये, उसके बाद चूहा और शेर में दोस्ती हो गयी, चूहा शेर की पीठ पर बैठता और घूमता था, दोनों में गहरी मित्रता हो गयी। 

शिक्षा:-दोस्तों, इस कहानी से हमें यह सीख मिलती है कि कभी भी हमें दूसरों को कम नहीं समझना चाहिए, हर छोटी बड़ी चीज का अपना अपना एक अलग महत्व होता हैं। जिस चीज को हम छोटा समझते हैं, अक्सर वही चीज मुश्किल वक्त में काम आती हैं।

बच्चो के लिए Hindi Moral Short Stories का यह लेख लेकर आया जो कि आज से पहले भी कई बार Updete हो चुका है. और आगे भी नई नई Hindi Moral की Short Stories को  अपडेट किया जाएगा.

तो अब आपसे आग्रह किया जाता है. कि आप नीचे एक कमेंट करे और अन्य दोस्तो को शेयर करें। ताकि हम ऐसी ही ओर हिंदी में मोरल स्टोरीज को आपके लिए शॉर्ट तरीके से लाते रहे।

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