समास किसे कहते हैं? समास के भेद कितने प्रकार के होते है | उदाहरण सहित

समास किसे कहते हैं। इस के भेद कितने प्रकार के होते है | उदाहरण सहित / samas kise kahate hain in hindi 

समास किसे कहते हैं | समास के भेद कितने प्रकार के होते है | उदाहरण सहित : samas kise kahate hain in hindi

हेलो दोस्तो कैसे हो आप आज के इस लेख में आपको समास से संबंधित हर तरह की जानकारी देने जा रहे है। समास की परिभाषा और इसके भेद को हमे उदाहरण सहित अच्छे से समझाने की कोशिश की है। ओर हां आपसे आग्रह है कि नीचे दिए गए अन्य लेख भी पढ़ें!

तो आइए अब हम आपको समास की परिभाषा बिल्कुल सरल तरीके से बता देते है।

समास किसे कहते हैं | की परिभाषा In Hindi

यदि साधारण तरीके से समझे तो दो या दो से अधिक शब्दो का मिलन होता है समास और एक नया शब्द निर्माण होता है वह समास है।

समास का शाब्दिक मतलब है संक्षिप्तीकरण।

  • »समास किसे कहें परिभाषा: "दो या दो से अधिक शब्द मिलकर एक नया एवं सार्थक शब्द की रचना की  जाती हैं, इस नए शब्द को समास कहते हैं।"
या
  • "कम से कम शब्दों में अधिक से अधिक अर्थ को प्रकट किया जा सके वही समास होता है।"«


दोस्ती यदि आप सिर्फ समास की परिभाषा को ही पड़ेंगे तो आपको ज्यादा समझ नही आयेगा इसलिए आपसे आग्रह है कि आप नीचे दिया गया समास की सभी भेद और उनके उदाहरण को भी पढ़े और समझें। जिससे आपको अच्छे से समास समझ आ सके।


समास के बारे में ये बाते भेद पड़ने से पहले जानना जरूरी है

हम आपको बता दे की Samas के नियमों से बने हुए शब्दों को सामासिक शब्द कहते हैं। ओर हां सामासिक शब्द को ही समस्तपद भी कहते हैं। समास होने के बाद विभक्तियों के चिह्न लुप्त हो जाते हैं।


समास के उदाहरण-

वैसे तो हम सभी समास के भेद में सभी अलग अलग समास के उदाहरण अलग अलग बताएंगे, फिर भी आपको कुछ उदाहरण नीचे बता देते है। जैसे:
      चरणकमल  — कमल के सामान चरण
       रसोईघर  — रसोई के लिए घर
       दुरात्मा — बुरी है  जो आत्मा
       घुड़सवार — घोड़े पर सवार

पूर्वपद और उत्तरपद

इसके बारे में उदाहरण नीचे है समास में दो पद या शब्द होते हैं। पहले पद को पूर्वपद और दूसरे पद को उत्तरपद कहते हैं।    

उदाहरण

 राजा-रंक । राजा+रंक, इसमें राजा  पूर्व पद है,और रंक उत्तर पद है।


संस्कृत में समासों का बहुत अधिक प्रयोग किया जाता है। अन्य भारतीय भाषाओं में भी समास उपयोग है। 


       • संधि किसे कहते हैं परिभाषा एवं सभी प्रकार


समास के भेद कितने प्रकार के होते है - Types Of Samas In Hindi

समास के भेद कितने प्रकार के होते है - Types Of Samas In Hindi

हमने सभी प्रकार के भेद को नीचे बताया है कि samas के छः भेद या प्रकार होते है!

                      1. तत्पुरुष समास,
                      2. कर्मधारय समास,
                      3. द्विगु समास,
                      4. द्वंद्व समास,
                      5. बहुव्रीहि समास,
                      6. अव्ययीभाव समास,

आपने सभी समास के भेद के नाम देखे। लेकिन हम लेख में नीचे सभी भेद को विस्तार से उदाहरण सहित नीचे समझा रहे हैं।

आयिए अब हम सभी प्रकार के samas के भेदों को चर्चा विस्तृत वर्णन के साथ देखते हैं!

है!

समास के सभी भेद उदहारण सहित

समास के भेद कितने प्रकार के होते है | उदाहरण सहित : samas kise kahate hain in hindi

1] तत्पुरुष समास

तत्पुरुष समास के बारे में आपको बता दे की "तत्पुरुष समास में उत्तरपद प्रधान होता है एवं पूर्वपद गौण होता है।" उसको तत्पुरुष समास कहेंगे। 

या जिस समास का उत्तरपद प्रधान हो और पूर्वपद गौण हो, उसे तत्पुरुष समास कहते हैं।

जैसे

       धर्मग्रन्थ — धर्म का ग्रन्थ 
       राजकुमार — राजा का कुमार 
       तुलसीदासकृत — तुलसीदास द्वारा कृत
(तत्पुरुष समास के बारे में विस्तार से जानने के लिए यहां क्लिक करें – तत्पुरुष समास – भेद, ज्यादा उदाहरण...)

हम आपको बता दें कि तत्पुरुष समास के भी अलग अलग भेद है जिन्हे भी हम नीचे बता रहे है

    • विशेषण किसे कहते हैं? परिभाषा और प्रकार

तत्पुरुष समास के प्रकार भी होते हैं

कर्म तत्पुरुष -इस समास में ‘को’ के लोप से कर्म समास बनता है। जैसे 

       ग्रंथकार — ग्रन्थ को लिखने वाला
       गिरहकट — गिरह को काटने वाला

करण तत्पुरुष — समास में ‘से’ और ‘के द्वारा’ के लोप से करण तत्पुरुष बनता है। जैसे-

       वाल्मिकिरचित — वाल्मीकि के द्वारा रचित
       मनचाहा — मन से चाहा

सम्प्रदान तत्पुरुष — इस समास में ‘के लिए’ का लोप होने से सम्प्रदान समास बनता है। जैसे-

        सत्याग्रह — सत्य के लिए आग्रह
        रसोईघर — रसोई के लिए घर

सम्बन्ध तत्पुरुष — इस समास में ‘का’, ‘के’, ‘की’ आदि का लोप होने से सम्बन्ध तत्पुरुष समास बनता है। जैसे- 

        राजसभा — राजा की सभा
        गंगाजल - गंगा का जल

अपादान तत्पुरुष — इस समास में ‘से’ का लोप होने से अपादान तत्पुरुष समास बनता है। जैसे- 

        पथभ्रष्ट — पथ से भ्रष्ट
        देशनिकाला — देश से निकाला

अधिकरण तत्पुरुष — इस समास में ‘में’ और ‘पर’ का लोप होने से अधिकरण तत्पुरुष समास बनता है। जैसे- 

        जलसमाधि — जल में समाधि
        नगरवास — नगर में वास
(तत्पुरुष समास के बारे में विस्तार से जानने के लिए यहां क्लिक करें – तत्पुरुष समास – भेद, ज्यादा उदाहरण...)


2] कर्मधारय समास 

वह समास जिसका पहला पद विशेषण तथा दूसरा पद विशेष्य होता है, अथवा एक पद उपमान एवं दूसरा उपमेय का संबंध होता है, उसे कर्मधारय समास कहेंगे!


कर्मधारय समास का विग्रह करने पर दोनों पदों के बीच में ‘है जो’ या ‘के सामान’ आते हैं। जैसे:

       महादेव — महान है जो देव
       दुरात्मा — बुरी है  जो आत्मा
       नीलकमल — नीला कमल
(कर्मधारय समास के बारे में विस्तार से जानने के लिए यहां क्लिक करें – कर्मधारय समास – भेद, ज्यादा उदाहरण...)


3] द्विगु समास 

वह समास जिसका पूर्व पद संख्यावाचक (संख्या) विशेषण होता है तथा समस्तपद समाहार या समूह का बोध कराए, उसे द्विगु समास कहते हैं। जैसे-

         दोपहर — दो पहरों का समाहार
         शताब्दी — सौ सालों का समूह
         चौमासा — चार मासों का समूह
(द्विगु समास के बारे में विस्तार से जानने के लिए यहां क्लिक करें – द्विगु समास – भेद, ज्यादा उदाहरण...)




4] द्वंद्व समास 

जिस समस्त पद में दोनों पद प्रधान हों एवं दोनों पदों को मिलाते समय ‘और’, ‘अथवा’, या ‘एवं ‘ आदि योजक लुप्त हो जाएँ, उस द्वंद्व समास कहेंगे! जैसे

        अन्न-जल — अन्न और जल
        अपना-पराया — अपना और पराया
         राजा-रंक - राजा और रंक
(द्वंद्व समास के बारे में विस्तार से जानने के लिए यहां क्लिक करें – द्वंद्व समास – भेद, ज्यादा उदाहरण...)

       • संधि और समास में अंतर 

5] बहुव्रीहि समास 

जिस समास के समस्तपदों में से कोई भी पद प्रधान नहीं हो एवं दोनों पद मिलकर किसी तीसरे पद की और संकेत करते हैं। उसे बहुव्रीहि समास कहेंगे! जैसे-

          गजानन — गज से आनन वाला
          त्रिलोचन — तीन आँखों वाला
          दशानन — दस हैं आनन जिसके
(बहुव्रीहि इस समास के बारे में विस्तार से जानने के लिए यहां क्लिक करें – बहुव्रीहि समास – भेद, ज्यादा उदाहरण...)


6] अव्ययीभाव समास 

वह समास जिसका पहला पद अव्यय हो एवं उसके संयोग से समस्तपद भी अव्यय बन जाए, उसे अव्ययीभाव समास कहेंगे! अव्ययीभाव समास में पूर्वपद प्रधान होता है।


अव्यय — जिन शब्दों पर लिंग, कारक, काल आदि शब्दों से भी कोई प्रभाव न हो जो अपरिवर्तित रहें वे शब्द अव्यय कहलाते हैं। 


अव्ययीभाव समास के पहले पद में अनु, आ, प्रति, यथा, भर, हर जैसे शब्द आते हैं। 

        • संधि किसे कहते हैं परिभाषा एवं सभी प्रकार

जैसे

         आजन्म — जन्म से लेकर
         यथामति — मति के अनुसार
         प्रतिदिन — दिन-दिन
(अव्ययीभाव इस समास के बारे में विस्तार से जानने के लिए यहां क्लिक करें – अव्ययीभाव समास – भेद, ज्यादा उदाहरण...)



         • संधि किसे कहते हैं परिभाषा एवं सभी प्रकार

हमारे ब्लॉग पर इससे संबंधित अन्य लेख भी पोस्ट किए जा चुके है उन्हें भी पड़े।

आपको इसके भेद कितने प्रकार के होते हैं परिभाषा सहित बताया आप मैने कमेंट करके अवश्य बताए कि कैसा लगा लेख एवं हमें सोशल मीडिया पर जैसे फेसबुक ट्विटर इंस्टाग्राम एवं व्हाट्सएप पर फॉलो करें!

ये भी पढ़ें:

हिंदी व्याकरण Complete Hindi Grammar-

समास के छः भेद या प्रकार विस्तार से पढ़े –

                      1. तत्पुरुष समास,
                      2. कर्मधारय समास,
                      3. द्विगु समास,
                      4. द्वंद्व समास,
                      5. बहुव्रीहि समास,
                      6. अव्ययीभाव समास,

-----------♦-----------

Read More Posts 

सर्वनाम किसे कहते हैं? परिभाषा एवं भेद | उदहारण सहित

Sarvanam kise kahate hain. जिन शब्दों का इस्तेमाल संज्ञा शब्द के स्थान पर प्रयुक्त होता है। उन शब्दों को ...

विशेषण किसे कहते हैं? प्रकार | भेद | परिभाषा

Visheshan kise kahate hain. वे शब्द जो Sangya या Sarvanam की विशेषता बताएं विशेषण होते हैं....

लिंग किसे कहते हैं? लिंग कितने होते है

Ling kise kahate hain. जिस चिह्न से यह बोध होता हो कि अमुक शब्द पुरुष जाति का है या स्त्री जाति का है। उस चिन्ह या Shabd की ही Ling ....

प्रत्यय किसे कहते हैं? उदाहरण

Pratyay Kise Kahate Hain. ऐसे शब्द जो दूसरे शब्दों के अन्त में जुड़कर, अपनी प्रकृति के अनुसार, शब्द के अर्थ में परिवर्तन कर देते हैं, प्रत्यय...

----❤️----