वर्ण किसे कहते हैं उदाहरण सहित परिभाषा बताइए और वर्ण के भेद – Varn In Hindi

वर्ण किसे कहते हैं? वर्ण की परिभाषा प्रकार|Varn के कितने भेद होते हैं नाम बताइए. हिंदी में वर्णों की कुल संख्या कितनी है - Varn In Hindi

हेलो दोस्तों, कैसे हो आप? आप यहां वर्ण किसे कहते हैं, से संबंधित जानकारी हेतु आए हैं। आपको इस आर्टिकल पर सभी तरह की वर्ण से रिलेटेड जानकारी आपको मिलेगी। यहां पर हमने आर्टिकल में क्रम से बताया है, कि वर्ण किसे कहते हैं? (Varn kise kahate hain). वर्ण की परिभाषा एवं उसके बाद हमने वर्ण कितने प्रकार के होते हैं? उसके भेद भी बताएं? और हां इस पोस्ट के नीचे हमने मुख्य पोस्ट के लिंक दिए हैं, जो आपको अवश्य पढ़ने चाहिए? तो चलिए अब बिना समय गवाएं, आपको बताते हैं, कि वर्ण किसे कहते हैं? और हां आप यदि किसी भी तरह की समस्या हो तो नीचे कमेंट कर सकते हैं।

वर्ण किसे कहते हैं? वर्ण की परिभाषा प्रकार|वर्ण के कितने भेद होते हैं नाम बताइए. हिंदी में वर्णों की कुल संख्या कितनी है - Varn In Hindi

वर्ण किसे कहते हैं उदाहरण सहित परिभाषा बताइए और वर्ण के भेद ? [Varn Kise Kahate Hain]

किसे कहा जाए वर्ण: “वर्ण उस मूल ध्वनि को कहते हैं, जिसके खंड अथवा टुकड़े नहीं किये जा सकते हैं।” 
जैसे कि अ, ई, व, च, क, ख् आदि।  

वर्ण bhasha की सबसे छोटी इकाई है। इसके और खंड नहीं किये जा सकते है।   

Example द्वारा मूल ध्वनियों को यहाँ स्पष्ट किया जा सकता है। 

राम और राज में चार-चार मूल ध्वनियाँ हैं, जिनके खंड नहीं किये जा सकते- र + आ + म + अ = राम, र + आ + ज + अ = राज।  

        » इन्हीं अखंड मूल ध्वनियों को Varn कहते हैं। 
        » हर प्रकार के वर्ण की अपनी Lipi होती है।
        » लिपि को वर्ण-संकेत भी कहते हैं। 
        » हिन्दी भाषा में 52 वर्ण है।

वर्ण के भेद कितने प्रकार के होते हैं। नाम बताइए

हिंदी भाषा में वर्ण दो प्रकार के होते है।
        1]स्वर 
        2] व्यंजन

अब हम इस दोनों को थोड़ा विस्तार से देखते हैं
1] स्वर: 
वे वर्ण जिनके उच्चारण में किसी अन्य वर्ण की सहायता की आवश्यकता नहीं होती है उसे स्वर कहते हैं।


इसके उच्चारण में कंठ, तालु का प्रयोग होता हैं, जीभ, होठ का नहीं होता।

हिंदी भाषा Varnamala में 16 स्वर हैं।

जो कि: अ आ इ ई उ ऊ ए ऐ ओ औ अं अः ऋ ॠ ऌ ॡ हैं।

स्वर के भी भेद होते है जो कि नीचे दिया गया है।
स्वर के दो bhed होते है-
     a] मूल स्वर
          मूल स्वर के तीन भेद होते है -
         i] ह्स्व स्वर
        ii] दीर्घ स्वर
        iii] प्लुत स्वर

     b] संयुक्त Swar
       i] मूल स्वर:- अ, आ, इ, ई, उ, ऊ, ए, ओ
       ii] संयुक्त स्वर:- ऐ (अ +ए) और औ (अ +ओ)

2] व्यंजन:
जिन वर्णो को बोलने के लिए स्वर की सहायता लेनी पड़ती है उन सब को व्यंजन कहते है। 

अन्य शब्दो में:- Vyanjan उन वर्णों को कहते हैं, जिनके उच्चारण में स्वर वर्णों की सहायता ली जाती है।  
     
जैसे कि: क, ख, ग, च, छ, त, थ, द, भ, म आदि।

क से विसर्ग (:) तक सभी वर्ण व्यंजन हैं। प्रत्येक Vyanjan के उच्चारण में 'अ' की ध्वनि छिपी रहती है। 

अ के बिना व्यंजन का उच्चारण सम्भव नहीं। जैसे- ख्+अ=ख, प्+अ =प। 

व्यंजन वह ध्वनि है, जिसके उच्चारण में भीतर से आती हुई वायु मुख में कहीं न कहीं, किसी न किसी रूप में, बाधित होती है।

     » स्वरवर्ण स्वतंत्र और व्यंजनवर्ण स्वर पर आश्रित है। 

     » Hindi में व्यंजन वर्णों की संख्या 33 हैं।


व्यंजनों के प्रकार -
    व्यंजनों तीन प्रकार के होते है-
     i)स्पर्श व्यंजन  
    ii)अन्तःस्थ व्यंजन 
    iii)उष्म व्यंजन
वर्ण किसे कहते हैं? वर्ण के भेद, इस की परिभाषा के साथ साथ प्रकार एवं varn के कितने भेद होते हैं। सभी को बताए जो आपको यह लेख कैसा लगा आप हमें कमेंट करके अवश्य बताए।

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