धान के उपयोग, फायदे व रोग बताइए? Uses, Benefits And Diseases Of Paddy In Hindi

धान (Paddy) जिसका की Vaigyanik Naam ओराय्ज़ा सैटिवा है. और यह एक मुख्य फसल है. जिससे चावल निकाला जाता है। धान Bharat सहित एशिया और पूरे विश्व के बहुत से देशों का मुख्य भोजन है. हम आपको बता दे की विश्व में मक्का के बाद धान को ही सबसे अधिक उत्पन्न होने वाला अनाज है.
हम आपको बता दे की आज का यह लेख आपको बहुत ही मजेदार व Interesting लगने वाला है. एवं इसमें धान के Fayade, उपयोग व रोग को अच्छे से समझने व अच्छा Artical लेकर आया हूं. और आपको बता दे की लेख में अन्य Information भी समय-समय पर जोड़ी जाएगी. 

धान की बाली या अनाज वाला भाग
ओराय्ज़ा सैटिवा जो कि प्रचलित नाम एशियाई धान के Naam से भी जानी जाती है. यह एक Padap की जाति है. इसका सबसे छोटा जीनोम होता है (मात्र 430 एम. बी.) जो कि केवल 12 क्रोमोज़ोम में सीमित होता है. इसे Saralta से जेनेटिकली अंतरण करने लायक होने की क्षमता हेतु जाना जाता है. यह अनाज जीव-विज्ञान में एक मॉडल जीव माना जाता है.

धान के उत्पादन के लिए Bhogolik कारको में सबसे मुख्य यह है कि उत्पादक कटिबन्ध क्षेत्रों में जहां Temperature 25 एवं वर्षा 100 C.M. तक की हो वहां इसका production किया जाता है।

अब आपको बता दे की धान के अन्तर्गत बहुत रोग भी Paddy में होते है. जिनको मैंने नीचे बताए हैं। और हां धान से related यह Article फायदे, उपयोग व रोग के बारे में Information दें है इससे related इसी Comment अवश्य करके जाए।

धान के रोग [Paddy Disease In Hindi]
धान के बारे में बहुत लोगो की इसके Diseases के बारे में तो पता ही होता है. कि धान के रोग Temperature एवं अन्य जलवायु सम्बंधी कारको पर ही मुख्य रूप से निर्भर करता है. और साथ ही साथ सभी type की सस्य क्रियाओं का भी प्रभाव पड़ता है. धान के मुख्य रोगों को उनके कारकों के आधार पर तीन भागों में बाँटा जाता है।
      • जीवाणुज़ रोग (Bacterial)
      • विषाणु रोग (Virus)
      • कवकीय रोग (Fungal)
जीवाणुज़ रोग (Bacterial) — 
जीवाणुओं के कारण Uttpann रोगों के नाम निम्न दिए गए है।
1. जीवाणुज़ पत्ती अंगमारी [Bacterial leaf blight]
2. जीवाणुज़ पत्ती रेखा [Bacterial leaf streak]

विषाणु रोग (Virus) —
वाइरस के कारण उत्पन्न रोगों के Naam निम्न दिए गए है।
1. टुंग्रो [Tungro]
2. घासीय-वृद्धि रोग [Grassy stunt]

कवकीय रोग (Fungal) — 
कवक के कारण उत्पन्न रोगों के नाम नीचे दिए गए है:
1. बदरा (Blast)
2. भूरी-चित्ती (Brown spot)
3. पर्णच्छद अंगमारी (Sheath blight)
4. पर्णच्छद गलन (Sheath rot)
5. तनागलन (Stem rot)
6. तलगलन एवं बकाने (Foot rot & bakanae)
7. उदबत्ता (Udbatta)
8. आभासी कांगियारी (False smut)
लेख में देखा मक्का और धान के फायदे व उपयोग. जिसे हिंदी में Benefits, Uses And Diseases Of Paddy In Hindi से संबंधित लेख पढ़ा. ऐसी ही अन्य लेख के लिए संबंधित लेख पड़े या मुख्य पृष्ठ पर जाएं साथ ही साथ कमेंट ओर शेयर करें!