हिन्दी व्याकरण किसे कहते हैं? – [Hindi Vyakaran] Grammar Kise Kahate Hain

हिन्दी व्याकरण किसे कहते हैं?

 Hindi Vyakaran: Grammar Kise Kahte Hain

   दोस्तों यदि आप किसी Competition परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। तो Competition Exam में आपको हिन्दी व्याकरण यानी ग्रामर वाले प्रश्न एग्जाम में अवश्य पूछे जाते है और सभी प्रश्न पत्र में देखे जाते हैं।   

 और आप उनका Answers नहीं दे पाते हैं, तो आप के नंबरों में कमी हो जाती है इसलिए मेरा यह आपसे कहना है। कि यदि आप Hindi Vyakaran को ध्यान पूर्वक पढ़ लेते हैं।  

 तो आप Pariksha में कम से कम इन प्रकार के Questions को हल अवश्य कर पाएंगे।

       हम आपको हिंदी व्याकरण के बारे में भी बताएंगे लेकिन उससे पहले हम व्याकरण या Grammar की परिभाषा को जान लेते हैं| 


व्याकरण किसे कहते हैं? Grammar In Hindi

       शास्त्र में भाषा के शुद्ध करने वाले नियम बताए गए हो उसे ही व्याकरण (Grammar) कहते हैं

या किसी भी भाषा के अंग प्रत्यंग का विश्लेषण और विवेचन को ही, Vyakaran कहते हैं. 

या वह विद्या या ज्ञान जिसके द्वारा किसी भाषा को शुद्ध बोला, पढ़ा और शुद्ध लिखा जाता है, उसे व्याकरण कहेंगे!


हिन्दी व्याकरण किसे कहते हैं? Hindi Vyakaran: Grammar Kise Kahte Hain

हिन्दी व्याकरण किसे कहते हैं? 

      Hindi Vyakaran भाषा को शुद्ध रूप में लिखने और बोलने संबंधी नियमों का बोध कराने वाला शास्त्र को ही हिन्दी व्याकरण कहते हैं. यह Hindi Bhasha के अध्ययन के लिए महत्त्वपूर्ण हैं।

हिन्दी व्याकरण (Hindi Grammar) के सभी स्वरूपों का 4 खंडों के अंतर्गत अध्ययन किया जाता हैं|

जैसे कि 

1] वर्ण विचार के अंतर्गत ध्वनि और वर्ण|

2] शब्द विचार के अंतर्गत शब्द के विविध पक्षों संबंधी नियमों|

3] वाक्य विचार के अंतर्गत वाक्य संबंधी विभिन्न स्थितियों|

4] छंद विचार में साहित्यिक रचनाओं के शिल्पगत पक्षों पर विचार किया गया है|


हिंदी व्याकरण (Hindi Grammar) के मुख्य टॉपिक:

नीचे दिए गए किसी भी टॉपिक के ऊपर  करे और उसे बारे में विस्तार से जाने

वर्णमाला 

    किसी भाषा अथवा अनेक भाषा को लिखने और बोलने के लिए प्रयोग किए गए मानक प्रतीकों को ही Varnamala .....[ वर्णमाला का मुख्य लेख देखने हेतु ]


संज्ञा 

    किसी जाति, द्रव्य, गुण, भाव, व्यक्ति, स्थान और क्रिया आदि के नाम को ...... [ संज्ञा का मुख्य लेख देखने हेतु  करें]


संधि 

    Sandhi दो शब्द सम् + धि से मिलकर संधि शब्द बना है। जिसका का अर्थ है 'मेल' या जोड़। अर्थात् दो निकटवर्ती वर्णों के परस्पर मेल से जो विकार या परिवर्तन उत्पन्न .....[ संधि का मुख्य लेख देखने हेतु  करें]


सर्वनाम 

    जिन शब्दों का इस्तेमाल संज्ञा शब्द के स्थान पर प्रयुक्त होता है। उन शब्दों को ......[ सर्वनाम का मुख्य लेख देखने हेतु  करें]


क्रिया 

    जिन शब्दों से किसी कार्य का करना या होना व्यक्त हो उन्हें Kriya कहते हैं। जैसे- रोया, खा रहा ......[ क्रिया का मुख्य लेख देखने हेतु  करें]


विशेषण 

    वे शब्द जो Sangya या Sarvanam की विशेषता बताएं विशेषण होते हैं.....[ विशेषण का मुख्य लेख 


क्रिया विशेषण 

    जिन शब्दों से क्रिया की विशेषता का पता चलता है। उन्हें क्रियाविशेषण कहते ..…[ क्रिया विशेषण का मुख्य लेख देखने हेतु  करें]


उपसर्ग 

    ऐसे शब्दांश जो किसी शब्द के पूर्व जुड़ कर उसके अर्थ में परिवर्तन कर देते हैं या उसके अर्थ में विशेषता लाते हैं। उन्हें उपसर्ग......[ उपसर्ग का मुख्य लेख देखने हेतु  करें]


प्रत्यय 

    ऐसे शब्द जो दूसरे शब्दों के अन्त में जुड़कर, अपनी प्रकृति के अनुसार, शब्द के अर्थ में परिवर्तन कर देते हैं, प्रत्यय...[ प्रत्यय का मुख्य लेख देखने हेतु  करें]


समास 

    समास का शाब्दिक मतलब है संक्षिप्तीकरण। दो या दो से अधिक Shabd मिलकर एक नया एवं सार्थक शब्द की रचना की  जाती हैं। यह नया शब्द ....…[ समास का मुख्य लेख देखने हेतु  करें]


छंद 

    छंद शब्द " चद " धातु से बना हैं  जिसका अर्थ होता हैं :- खुश करना। हिंदी साहित्य के अनुसार अक्षर ,  अक्षरों की संख्या ,  मात्रा  ,  गणना ,  यति ,  गति से releted किसी विषय पर रचना को छंद ..... [ छंद का मुख्य लेख 


अलंकार 

    अलंकार जो शरीर का Soundarya बढ़ाने के लिए धारण किए जाते हैं। संस्कृत में "काव्यशोभा करान धर्मानअलंकारान प्रचक्षते ।" अर्थात् वह कारक जो काव्य की शोभा बढ़ाते हैं उन्हें ही अलंकार......[ अलंकार का मुख्य 


तद्भव शब्द 

    तत्सम शब्दों में समय और परिस्थितियों के कारण कुछ Parivartan करके बनाए गए शब्द को ही, तद्भव ......[ तद्भव का मुख्य लेख 


तत्सम शब्द 

    जिन शब्दों को संस्कृत भाषा में से बिना किसी परिवर्तन के ले लिया जाता है, उन्हें तत्सम..... [ तत्सम का मुख्य लेख देखने हेतु 


शुद्ध वर्तनी 

    शब्दों के शुद्ध रूप प्रभावशाली एवं शुद्ध भाषा के लिए Shudh Vartani का लिखना अत्यन्त आवश्यक होता है। अशुद्ध Vartani के कारण भाषा का स्वरूप तो विकृत होता ही है, कभी - कभी अर्थ का अनर्थ भी हो ......[ शुद्ध वर्तनी का मुख्य लेख देखने 


वचन 

     व्याकरण में वचन (नम्बर) एक संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण और क्रिया इत्यादि की Vyakaran सम्बन्धी श्रेणी होती है जो इनकी संख्या की सूचना प्रदान कराती हैं, वचन कहलाती हैं। (एक, दो, इत्यादि).....[ वचन का मुख्य लेख देखने 

अव्यय 

    किसी भी भाषा के वे शब्द जिनके रूप में लिंग, वचन, पुरुष, कारक, काल आदि के कारण कोई विकार उत्पत्र नहीं होता है Avyay का शाब्दिक अर्थ है- 'जो व्यय न हो।' ऐसे शब्द हर स्थिति में अपने मूलरूप में बने....[ अव्यय का मुख्य लेख देखने हेतु 


लिंग 

    जिस चिह्न से यह बोध होता हो कि अमुक शब्द पुरुष जाति का है या स्त्री जाति का है। उस चिन्ह या Shabd की ही Ling कहते हैं। या शब्द के जिस रूप से किसी व्यक्ति, वस्तु आदि के पुरुष जाति या स्त्री जाति के होने का ज्ञान हो उसे लिंग....[ लिंग का मुख्य लेख देखने हेतु 


कारक 

    कारक उसे कहते हैं, जो Vakya में आये संज्ञा आदि शब्दों का क्रिया के साथ संबंध बताती .....[ कारक का मुख्य लेख देखने हेतु 


रस 

    रस वह है जो Kavya में आनन्द आता है वह ही काव्य का रस है। काव्य में आने वाला Aanand अर्थात् रस लौकिक न होकर अलौकिक होता है। रस काव्य की आत्मा.... [ रस का मुख्य लेख देखने हेतु 


काल 

    क्रिया के जिस काल रूप से उसके होने का बोध होता है। उसे Kaal कहते हैं । काल के bhed प्रकार तीन होते हैं- भूत काल वर्तमान काल भविष्य काल...[ काल का मुख्य लेख देखने हेतु 


पर्यायवाची शब्द 

    समान अर्थ देने वाले शब्दों को हम पर्यायवाची शब्द कहते हैं. Paryayvachi शब्दों में दो प्रकार की शब्दावली देखने को मिलती है.....[ पर्यायवाची शब्द का मुख्य 


विलोम शब्द 

    जब किसी शब्द का Vilom वह शब्द होता है। जिसका अर्थ उस Shabd के अर्थ का एकदम उल्टा होता है विलोम कहलाता....[ विलोम शब्द का मुख्य 

अनेक शब्द के लिए एक शब्द 

    अनेक शब्दों के लिए एक शब्द लाया हूं जो कि आप को बहुत ही पसंद आने वाले हैं। इसमें मैंने अनेक शब्दों के लिए एक शब्द की एक बहुत विस्तृत रूप से सूची बनाई....lick


शब्द शक्ति 

    जिसमें शब्द का अर्थ बोध कराने की शक्ति होतो हो उसे शब्द कहते हैं। तथा शब्दों के अर्थ को जिन रीतियों  से ग्रहण किया जाता है। उन्हें शब्द शक्ति....[ शब्द शक्ति का मुख्य लेख देखने हेतु 


हिंदी मुहावरे 

    कोई भी ऐसा वाक्यांश जिसका शब्दार्थ ग्रहण न करके कोई विलक्षण अर्थ ग्रहण किया जाता है, Muhavara कहलाता....[ मुहावरे का मुख्य लेख देखने हेतु 


हिंदी कहावतें लोकोक्ति

    लोकोक्तियों को कहावतों के नाम से भी पकारते हैं। भाषा को प्रभावी बनाने के लिए मुहावरों की तरह Lokoktiyo का भी प्रयोग होता है। लोकोक्ति अथवा कहावत पारिभाषिक रूप से मुहावरेदार वाक्य होता है....[ लोकोक्तियों का मुख्य लेख देखने हेतु 



समय-समय पर सभी हिंदी व्याकरण के टॉपिक की Updete किया जाएगा|


इस लेख में मैंने जो हिंदी Vyakaran (Hindi Grammar) के बारे में और व्याकरण की Paribhasha पूरी तरह बताई है जो कि Hindi के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है|


हिंदी व्याकरण के Releted महत्वपूर्ण बहुत सारे Topic को जो कि मैंने इसमें सभी को cover किया है। उस और उनको आप उनके ऊपर Clck करके भी देख सकते हैं| यदि लेख आपको अच्छा लगा हो तो please नीचे Comment अवश्य करके जाएं और साथ ही साथ अपने Friends को Share भी करें और राइट साइड के बैल Icon को अवश्य दबाएं ताकि हमारी नहीं पोस्ट की जानकारी आपको तुरंत मिल सके|


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