कर्मधारय समास | उदाहरण सहित | karmadharaya samas

कर्मधारय समास | उदाहरण सहित | karmadharaya samas

कर्मधारय समास | उदाहरण सहित | karmadharaya samas

karmadharaya samas kise kahte hain: वह समास जिसका पहला पद विशेषण तथा दूसरा पद विशेष्य होता है, अथवा एक पद उपमान एवं दूसरा उपमेय का संबंध होता है, उसे कर्मधारय समास कहेंगे!


कर्मधारय समास का विग्रह करने पर दोनों पदों के बीच में "है जो" या "के सामान" आते हैं। जैसे:

  • महादेव — महान है जो देव
  • दुरात्मा — बुरी है  जो आत्मा
  • नीलकमल — नीला कमल
  • पीतांबर — पीला अंबर 
  • सज्जन — सत्  जन
  • नरसिंह — नरों में सिंह के समान
  • करकमल — कमल के सामान कर
  • चंद्रमुख — चंद्र जैसा मुख
  • कमलनयन — कमल के समान नयन 
  • देहलता — देह रूपी लता 
  • दहीबड़ा — दही में डूबा बड़ा

1]  विशेषता वाचक कर्मधारय 

उदहारण:

  • महाराज  ≈  महान् है जो राजा
  • महापुरुष  ≈  महान् है जो पुरुष
  • नीलाकाश  ≈  नीला है जो आकाश
  • महात्मा  ≈  महान् है जो आत्मा
  • सद्बुद्धि  ≈  सत् है जो बुद्धि
  • मंदबुद्धि  ≈  मंद है जिसकी बुद्धि
  • मंदाग्नि  ≈  मंद है जो अग्नि
  • बहुमूल्य  ≈  बहुत है जिसका मूल्य
  • महाकवि  ≈  महान् है जो कवि
  • नीलोत्पल  ≈  नील है जो उत्पल (कमल)
  • महापुरुष  ≈  महान् है जो पुरुष
  • महर्षि  ≈  महान् है जो ऋषि
  • महासंयोग  ≈  महान् है जो संयोग
  • शुभागमन  ≈  शुभ है जो आगमन
  • सज्जन  ≈  सत् है जो जन
  • पूर्णाँक  ≈  पूर्ण है जो अंक
  • भ्रष्टाचार  ≈  भ्रष्ट है जो आचार
  • शिष्टाचार  ≈  शिष्ट है जो आचार
  • अरुणाचल  ≈  अरुण है जो अचल
  • शीतोष्ण  ≈  जो शीत है जो उष्ण है
  • देवर्षि  ≈  देव है जो ऋषि है
  • अंधकूप  ≈  अंधा है जो कूप
  • कृष्ण सर्प  ≈  कृष्ण (काला) है जो सर्प
  • नीलगाय  ≈  नीली है जो गाय
  • नीलकमल  ≈  नीला है जो कमल
  • परमात्मा  ≈  परम है जो आत्मा
  • अंधविश्वास  ≈  अंधा है जो विश्वास
  • कृतार्थ  ≈  कृत (पूर्ण) हो गया है जिसका अर्थ (उद्देश्य)
  • दृढ़प्रतिज्ञ  ≈  दृढ़ है जिसकी प्रतिज्ञा
  • राजर्षि  ≈  राजा है जो ऋषि है
  • महाजन  ≈  महान् है जो जन
  • महादेव  ≈  महान् है जो देव
  • श्वेताम्बर  ≈  श्वेत है जो अम्बर
  • पीताम्बर  ≈  पीत है जो अम्बर
  • अधपका  ≈  आधा है जो पका
  • अधखिला  ≈  आधा है जो खिला
  • लाल टोपी  ≈  लाल है जो टोपी
  • महासागर  ≈  महान् है जो सागर
  • महाकाल  ≈  महान् है जो काल
  • महाद्वीप  ≈  महान् है जो द्वीप
  • कापुरुष  ≈  कायर है जो पुरुष
  • बड़भागी  ≈  बड़ा है भाग्य जिसका
  • कलमुँहा  ≈  काला है मुँह जिसका
  • सद्धर्म  ≈  सत् है जो धर्म
  • कालीमिर्च  ≈  काली है जो मिर्च
  • महाविद्यालय  ≈  महान् है जो विद्यालय
  • परमानन्द  ≈  परम है जो आनन्द
  • दुरात्मा  ≈  दुर् (बुरी) है जो आत्मा
  • भलमानुष  ≈  भला है जो मनुष्य
  • नकटा  ≈  नाक कटा है जो
  • जवाँ मर्द  ≈  जवान है जो मर्द
  • दीर्घायु  ≈  दीर्घ है जिसकी आयु
  • अधमरा  ≈  आधा मरा हुआ
  • निर्विवाद  ≈  विवाद से निवृत्त
  • महाप्रज्ञ  ≈  महान् है जिसकी प्रज्ञा
  • नलकूप  ≈  नल से बना है जो कूप
  • परकटा  ≈  पर हैँ कटे जिसके
  • अतिवृष्टि  ≈  अति है जो वृष्टि
  • महारानी  ≈  महान् है जो रानी
  • नराधम  ≈  नर है जो अधम (पापी)
  • नवदम्पत्ति  ≈  नया है जो दम्पत्ति
  • दुमकटा  ≈  दुम है कटी जिसकी
  • प्राणप्रिय  ≈  प्रिय है जो प्राणोँ को
  • अल्पसंख्यक  ≈  अल्प हैँ जो संख्या मेँ
  • पुच्छलतारा  ≈  पूँछ है जिस तारे की
  • नवागन्तुक  ≈  नया है जो आगन्तुक
  • वक्रतुण्ड  ≈  वक्र (टेढ़ी) है जो तुण्ड
  • चौसिँगा  ≈  चार हैँ जिसके सीँग
  • अधजला  ≈  आधा है जो जला


2] उपमान वाचक कर्मधारय

उदाहरण:

  • बाहुदण्ड  ≈  बाहु है दण्ड समान
  • चंद्रवदन  ≈  चंद्रमा के समान वदन (मुख)
  • कमलनयन  ≈  कमल के समान नयन
  • मुखारविँद  ≈  अरविँद रूपी मुख
  • मृगनयनी  ≈  मृग के समान नयनोँ वाली
  • ग्रन्थरत्न  ≈  रत्न रूपी ग्रन्थ
  • पाषाण हृदय  ≈  पाषाण के समान हृदय
  • देहलता  ≈  देह रूपी लता
  • अमृतवाणी  ≈  अमृत रूपी वाणी
  • विद्याधन  ≈  विद्या रूपी धन
  • वज्रदेह  ≈  वज्र के समान देह
  • संसार सागर  ≈  संसार रूपी सागर
  • कनकलता  ≈  कनक के समान लता
  • करकमल  ≈  कमल रूपी कर
  • मीनाक्षी  ≈  मीन के समान आँखोँ वाली
  • चन्द्रमुखी  ≈  चन्द्रमा के समान मुख वाली
  • चन्द्रमुख  ≈  चन्द्र के समान मुख
  • नरसिँह  ≈  सिँह रूपी नर
  • चरणकमल  ≈  कमल रूपी चरण
  • क्रोधाग्नि  ≈  अग्नि के समान क्रोध
  • कुसुमकोमल  ≈  कुसुम के समान कोमल
  • वचनामृत  ≈  अमृत रूपी वचन

ये भी पढ़ें:

      समास के भेद | प्रकार 

                      1. तत्पुरुष समास,

                      2. कर्मधारय समास,

                      3. द्विगु समास,

                      4. द्वंद्व समास,

                      5. बहुव्रीहि समास,

                      6. अव्ययीभाव समास,


लेख अच्छा लगे तो शेयर एवम् कमेंट अवश्य करें।