तत्पुरुष समास – भेद | उदाहरण सहित | tatpurush samas

तत्पुरुष समास | भेद | उदाहरण सहित | tatpurush samas

तत्पुरुष समास | भेद | उदाहरण सहित | tatpurush samas

tatpurush samas kise kahate hain: जिस समास का उत्तरपद प्रधान हो और पूर्वपद गौण हो, उसे तत्पुरुष समास कहते हैं।

या

    तत्पुरुष समास में उत्तरपद प्रधान होता है, एवं पूर्वपद गौण होता है। उसको तत्पुरुष समास कहेंगे। 


जैसे

धर्मग्रन्थ — धर्म का ग्रन्थ 

राजकुमार — राजा का कुमार 

तुलसीदासकृत — तुलसीदास द्वारा कृत


तत्पुरुष समास के भेद | प्रकार 

1] कर्म तत्पुरुष

इस समास में "को" के लोप से कर्म समास बनता है। जैसे 

  • ग्रंथकार ≈ ग्रन्थ को लिखने वाला
  • गिरहकट ≈ गिरह को काटने वाला
  • स्वर्ग प्राप्त  ≈  स्वर्ग को प्राप्त
  • देशगत  ≈  देश को गत
  • आशातीत  ≈  आशा को अतीत(से परे)
  • चिड़ीमार  ≈  चिड़ी को मारने वाला
  • कठफोड़वा  ≈  काष्ठ को फोड़ने वाला
  • पदप्राप्त  ≈  पद को प्राप्त
  • ग्रामगत  ≈  ग्राम को गत
  • जीभर  ≈  जी को भरकर
  • लाभप्रद  ≈  लाभ को प्रदान करने वाला
  • शरणागत  ≈  शरण को आया हुआ
  • रोजगारोन्मुख  ≈  रोजगार को उन्मुख
  • सर्वज्ञ  ≈  सर्व को जानने वाला
  • दिलतोड़  ≈  दिल को तोड़ने वाला
  • जीतोड़  ≈  जी को तोड़ने वाला
  • हस्तगत  ≈  हाथ को गत
  • जातिगत  ≈  जाति को गया हुआ
  • मुँहतोड़  ≈  मुँह को तोड़ने वाला
  • दुःखहर  ≈  दुःख को हरने वाला
  • यशप्राप्त  ≈  यश को प्राप्त
  • गगनचुम्बी  ≈  गगन को चूमने वाला
  • धरणीधर  ≈  धरणी (पृथ्वी) को धारण करने वाला
  • गिरिधर  ≈  गिरि को धारण करने वाला
  • हलधर  ≈  हल को धारण करने वाला
  • परलोकगमन  ≈  परलोक को गमन
  • चित्तचोर  ≈  चित्त को चोरने वाला
  • ख्याति प्राप्त  ≈  ख्याति को प्राप्त
  • दिनकर  ≈  दिन को करने वाला
  • जितेन्द्रिय  ≈  इंद्रियोँ को जीतने वाला
  • चक्रधर  ≈  चक्र को धारण करने वाला
  • मरणातुर  ≈  मरने को आतुर
  • कालातीत  ≈  काल को अतीत (परे) करके
  • वयप्राप्त  ≈  वय (उम्र) को प्राप्त


2] करण तत्पुरुष

समास में "से" और "के द्वारा" के लोप से करण तत्पुरुष बनता है। जैसे-

  • वाल्मिकिरचित — वाल्मीकि के द्वारा रचित
  • मनचाहा — मन से चाहा
  • तुलसीकृत  ≈  तुलसी द्वारा कृत
  • अकालपीड़ित  ≈  अकाल से पीड़ित
  • श्रमसाध्य  ≈  श्रम से साध्य
  • सूरकृत  ≈  सूर द्वारा कृत
  • दयार्द्र  ≈  दया से आर्द्र
  • मुँहमाँगा  ≈  मुँह से माँगा
  • मदमत्त  ≈  मद (नशे) से मत्त
  • रोगातुर  ≈  रोग से आतुर
  • कष्टसाध्य  ≈  कष्ट से साध्य
  • ईश्वरदत्त  ≈  ईश्वर द्वारा दिया गया
  • रत्नजड़ित  ≈  रत्न से जड़ित
  • हस्तलिखित  ≈  हस्त से लिखित
  • अनुभव जन्य  ≈  अनुभव से जन्य
  • रेखांकित  ≈  रेखा से अंकित
  • गुरुदत्त  ≈  गुरु द्वारा दत्त
  • वाग्युद्ध  ≈  वाक् (वाणी) से युद्ध
  • क्षुधातुर  ≈  क्षुधा से आतुर
  • शल्यचिकित्सा  ≈  शल्य (चीर-फाड़) से चिकित्सा
  • आँखोँदेखा  ≈  आँखोँ से देखा
  • भुखमरा  ≈  भूख से मरा हुआ
  • कपड़छान  ≈  कपड़े से छाना हुआ
  • स्वयंसिद्ध  ≈  स्वयं से सिद्ध
  • शोकाकुल  ≈  शोक से आकुल
  • मेघाच्छन्न  ≈  मेघ से आच्छन्न
  • अश्रुपूर्ण  ≈  अश्रु से पूर्ण
  • वचनबद्ध  ≈  वचन से बद्ध


3] सम्प्रदान तत्पुरुष

इस समास में "के लिए" का लोप होने से सम्प्रदान समास बनता है। जैसे-

  • सत्याग्रह — सत्य के लिए आग्रह
  • रसोईघर — रसोई के लिए घर
  • देशभक्ति  ≈  देश के लिए भक्ति
  • गुरुदक्षिणा  ≈  गुरु के लिए दक्षिणा
  • भूतबलि  ≈  भूत के लिए बलि
  • रसोईघर  ≈  रसोई के लिए घर
  • हथकड़ी  ≈  हाथ के लिए कड़ी
  • विद्यालय  ≈  विद्या के लिए आलय
  • विद्यामंदिर  ≈  विद्या के लिए मंदिर
  • डाक गाड़ी  ≈  डाक के लिए गाड़ी
  • सभाभवन  ≈  सभा के लिए भवन
  • प्रौढ़ शिक्षा  ≈  प्रौढ़ोँ के लिए शिक्षा
  • यज्ञशाला  ≈  यज्ञ के लिए शाला
  • शपथपत्र  ≈  शपथ के लिए पत्र
  • स्नानागार  ≈  स्नान के लिए आगार
  • कृष्णार्पण  ≈  कृष्ण के लिए अर्पण
  • युद्धभूमि  ≈  युद्ध के लिए भूमि
  • परीक्षा भवन  ≈  परीक्षा के लिए भवन
  • सत्याग्रह  ≈  सत्य के लिए आग्रह
  • छात्रावास  ≈  छात्रोँ के लिए आवास
  • युववाणी  ≈  युवाओँ के लिए वाणी
  • समाचार पत्र  ≈  समाचार के लिए पत्र
  • वाचनालय  ≈  वाचन के लिए आलय
  • चिकित्सालय  ≈  चिकित्सा के लिए आलय
  • बंदीगृह  ≈  बंदी के लिए गृह
  • बलिपशु  ≈  बलि के लिए पशु
  • पाठशाला  ≈  पाठ के लिए शाला
  • आवेदन पत्र  ≈  आवेदन के लिए पत्र
  • हवन सामग्री  ≈  हवन के लिए सामग्री
  • कारागृह  ≈  कैदियोँ के लिए गृह


4] सम्बन्ध तत्पुरुष 

इस समास में "का", "के", ‘की’ आदि का लोप होने से सम्बन्ध तत्पुरुष समास बनता है। जैसे- 

  • राजसभा — राजा की सभा
  • गंगाजल - गंगा का जल
  • देवदास  ≈  देव का दास
  • लखपति  ≈  लाखोँ का पति (मालिक)
  • करोड़पति  ≈  करोड़ोँ का पति
  • राष्ट्रपति  ≈  राष्ट्र का पति
  • सूर्योदय  ≈  सूर्य का उदय
  • दुःखसागर  ≈  दुःख का सागर
  • राजप्रासाद  ≈  राजा का प्रासाद
  • गंगाजल  ≈  गंगा का जल
  • जीवनसाथी  ≈  जीवन का साथी
  • देवमूर्ति  ≈  देव की मूर्ति
  • सेनापति  ≈  सेना का पति
  • प्रसंगानुकूल  ≈  प्रसंग के अनुकूल
  • भारतवासी  ≈  भारत का वासी
  • पराधीन  ≈  पर के अधीन
  • राजपुत्र  ≈  राजा का पुत्र
  • जगन्नाथ  ≈  जगत् का नाथ
  • मंत्रिपरिषद्  ≈  मंत्रियोँ की परिषद्
  • राजभाषा  ≈  राज्य की (शासन) भाषा
  • राष्ट्रभाषा  ≈  राष्ट्र की भाषा
  • जमीँदार  ≈  जमीन का दार (मालिक)
  • भूकंप  ≈  भू का कम्पन
  • रामचरित  ≈  राम का चरित
  • स्वाधीन  ≈  स्व (स्वयं) के अधीन
  • मधुमक्खी  ≈  मधु की मक्खी
  • भारतरत्न  ≈  भारत का रत्न
  • राजकुमार  ≈  राजा का कुमार
  • राजकुमारी  ≈  राजा की कुमारी
  • दशरथ सुत  ≈  दशरथ का सुत
  • ग्रन्थावली  ≈  ग्रन्थोँ की अवली
  • राष्ट्र का पिता
  • अश्वमेध  ≈  अश्व का मेध
  • माखनचोर  ≈  माखन का चोर
  • नन्दलाल  ≈  नन्द का लाल
  • दीनानाथ  ≈  दीनोँ का नाथ
  • दीनबन्धु  ≈  दीनोँ (गरीबोँ) का बन्धु
  • कर्मयोग  ≈  कर्म का योग
  • ग्रामवासी  ≈  ग्राम का वासी
  • दयासागर  ≈  दया का सागर
  • अक्षांश  ≈  अक्ष का अंश
  • दीपावली  ≈  दीपोँ की अवली (कतार)
  • गीतांजलि  ≈  गीतोँ की अंजलि
  • कवितावली  ≈  कविता की अवली
  • पदावली  ≈  पदोँ की अवली
  • पुत्रवधू  ≈  पुत्र की वधू
  • धरतीपुत्र  ≈  धरती का पुत्र
  • वनवासी  ≈  वन का वासी
  • भूतबंगला  ≈  भूतोँ का बंगला
  • कर्माधीन  ≈  कर्म के अधीन
  • लोकनायक  ≈  लोक का नायक
  • रक्तदान  ≈  रक्त का दान
  • सत्रावसान  ≈  सत्र का अवसान
  • देशान्तर  ≈  देश का अन्तर
  • तुलादान  ≈  तुला का दान
  • कन्यादान  ≈  कन्या का दान
  • गोदान  ≈  गौ (गाय) का दान
  • ग्रामोत्थान  ≈  ग्राम का उत्थान
  • वीर कन्या  ≈  वीर की कन्या
  • राजसिंहासन  ≈  राजा का सिँहासन


5] अपादान तत्पुरुष 

इस समास में "से" का लोप होने से अपादान तत्पुरुष समास बनता है। जैसे- 

  • पथभ्रष्ट — पथ से भ्रष्ट
  • देशनिकाला — देश से निकाला
  • देशनिष्कासन  ≈  देश से निष्कासन
  • दोषमुक्त  ≈  दोष से मुक्त
  • बंधनमुक्त  ≈  बंधन से मुक्त
  • जातिभ्रष्ट  ≈  जाति से भ्रष्ट
  • कर्तव्यच्युत  ≈  कर्तव्य से च्युत
  • पदमुक्त  ≈  पद से मुक्त
  • रोगमुक्त  ≈  रोग से मुक्त
  • लोकभय  ≈  लोक से भय
  • राजद्रोह  ≈  राज से द्रोह
  • जलरिक्त  ≈  जल से रिक्त
  • नरकभय  ≈  नरक से भय
  • जन्मांध  ≈  जन्म से अंधा
  • देशनिकाला  ≈  देश से निकाला
  • कामचोर  ≈  काम से जी चुराने वाला
  • जन्मरोगी  ≈  जन्म से रोगी
  • भयभीत  ≈  भय से भीत
  • पदच्युत  ≈  पद से च्युत
  • बुद्धिहीन  ≈  बुद्धि से हीन
  • धनहीन  ≈  धन से हीन
  • भाग्यहीन  ≈  भाग्य से हीन
  • धर्मविमुख  ≈  धर्म से विमुख
  • पदाक्रान्त  ≈  पद से आक्रान्त
  • कर्तव्यविमुख  ≈  कर्तव्य से विमुख
  • पथभ्रष्ट  ≈  पथ से भ्रष्ट
  • सेवामुक्त  ≈  सेवा से मुक्त
  • गुण रहित  ≈  गुण से रहित


6] अधिकरण तत्पुरुष

 इस समास में "में" और "पर" का लोप होने से अधिकरण तत्पुरुष समास बनता है। जैसे- 

  • जलसमाधि — जल में समाधि
  • नगरवास — नगर में वास
  • ग्रामवास  ≈  ग्राम मेँ वास
  • आपबीती  ≈  आप पर बीती
  • शोकमग्न  ≈  शोक मेँ मग्न
  • वाक्पटु  ≈  वाक् मेँ पटु
  • धर्मरत  ≈  धर्म मेँ रत
  • धर्माँध  ≈  धर्म मेँ अंधा
  • लोककेन्द्रित  ≈  लोक पर केन्द्रित
  • काव्यनिपुण  ≈  काव्य मेँ निपुण
  • रणवीर  ≈  रण मेँ वीर
  • जलमग्न  ≈  जल मेँ मग्न
  • आत्मनिर्भर  ≈  आत्म पर निर्भर
  • तीर्थाटन  ≈  तीर्थोँ मेँ अटन (भ्रमण)
  • नरश्रेष्ठ  ≈  नरोँ मेँ श्रेष्ठ
  • गृहप्रवेश  ≈  गृह मेँ प्रवेश
  • घुड़सवार  ≈  घोड़े पर सवार
  • रणधीर  ≈  रण मेँ धीर
  • रणजीत  ≈  रण मेँ जीतने वाला
  • रणकौशल  ≈  रण मेँ कौशल
  • आत्मविश्वास  ≈  आत्मा पर विश्वास
  • वनवास  ≈  वन मेँ वास
  • लोकप्रिय  ≈  लोक मेँ प्रिय
  • दहीबड़ा  ≈  दही मेँ डूबा हुआ बड़ा
  • रेलगाड़ी  ≈  रेल (पटरी) पर चलने वाली गाड़ी
  • मुनिश्रेष्ठ  ≈  मुनियोँ मेँ श्रेष्ठ
  • नरोत्तम  ≈  नरोँ मेँ उत्तम
  • वाग्वीर  ≈  वाक् मेँ वीर
  • पर्वतारोहण  ≈  पर्वत पर आरोहण (चढ़ना)
  • कर्मनिष्ठ  ≈  कर्म मेँ निष्ठ
  • नीतिनिपुण  ≈  नीति मेँ निपुण
  • ध्यानमग्न  ≈  ध्यान मेँ मग्न
  • सिरदर्द  ≈  सिर मेँ दर्द
  • देशाटन  ≈  देश मेँ अटन
  • कविपुंगव  ≈  कवियोँ मेँ पुंगव (श्रेष्ठ)
  • पुरुषोत्तम  ≈  पुरुषोँ मेँ उत्तम
  • रसगुल्ला  ≈  रस मेँ डूबा हुआ गुल्ला
  • युधिष्ठिर  ≈  युद्ध मेँ स्थिर रहने वाला
  • सर्वोत्तम  ≈  सर्व मेँ उत्तम
  • सत्तारुढ़  ≈  सत्ता पर आरुढ़
  • शरणागत  ≈  शरण मेँ आया हुआ
  • गजारुढ़  ≈  गज पर आरुढ़
  • कार्यकुशल  ≈  कार्य मेँ कुशल
  • दानवीर  ≈  दान मेँ वीर
  • कर्मवीर  ≈  कर्म मेँ वीर
  • कविराज  ≈  कवियोँ मेँ राजा


ये भी पढ़ें:

      समास के भेद | प्रकार 

                      1. तत्पुरुष समास,

                      2. कर्मधारय समास,

                      3. द्विगु समास,

                      4. द्वंद्व समास,

                      5. बहुव्रीहि समास,

                      6. अव्ययीभाव समास,


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